सांवेगिक बुद्धि का सिद्धांत | डेनियल गोलमैन का सिद्धांत » Pratiyogita Today

सांवेगिक बुद्धि का सिद्धांत | डेनियल गोलमैन का सिद्धांत

इस आर्टिकल में सांवेगिक बुद्धि का सिद्धांत अर्थात डेनियल गोलमैन का सिद्धांत (daniel goleman emotional intelligence in hindi), सांवेगिक लब्धि, सांवेगिक बुद्धि के चार तत्व, सांवेगिक बुद्धि का महत्व, सांवेगिक बुद्धि की विशेषताएं आदि टॉपिक पर चर्चा की गई है।

सांवेगिक बुद्धि पद का प्रतिपादन सर्वप्रथम पीटर शैलोवी व मेयर ने 1990 में किया था। इनके अनुसार “अपने तथा दूसरे व्यक्तियों के संवेगों का परिवीक्षण करने और उनमें विभेदन करने की योग्यता तथा प्राप्त सूचना के अनुसार अपने चिंतन तथा व्यवहारों को निर्देशित करने की योग्यता ही सांवेगिक बुद्धि है।”

सांवेगिक बुद्धि पद को लोकप्रिय बनाने का श्रेय अमेरिकी मनोवैज्ञानिक डेनियल गोलमैन को जाता है व सांवेगिक बुद्धि सिद्धांत का प्रतिपादन भी गोलमैन ने ही किया था।

“सांवेगिक बुद्धि, बुद्धि लब्धि से महत्वपूर्ण क्यों ?” इस पुस्तक के लेखक डेनियल गोलमैन है। 1995 में लिखी गई इस पुस्तक के द्वारा गोलमैन ने सांवेगिक बुद्धि को लोकप्रिय बनाया।

डेनियल गोलमैन की दूसरी पुस्तक “संवेगात्मक बुद्धि के साथ कार्य” (1997) है। शैलोवी व मेयर की पुस्तक “सांवेगिक विकास व सांवेगिक बुद्धि” है।

सांवेगिक बुद्धि के चार तत्व

शैलोवी व मेयर ने सांवेगिक बुद्धि के चार तत्व बताएं हैं :

  1. अपने आप को अभिप्रेरित करना
  2. अपने संवेगों का प्रत्यक्षीकरण व प्रबंधन करना
  3. दूसरों के संवेगों का प्रबंध करना
  4. दूसरों के संवेगों को समझना

मनोवैज्ञानिक हे (Hay) ने सांवेगिक बुद्धि की 25 दक्षताएं एवं चार तत्व तथा 16 उपतत्व बताएं है :

  1. स्वजागरूकता
  2. स्वप्रबंधन
  3. सामाजिक जागरूकता
  4. संबंध प्रबंधन

सांवेगिक बुद्धि का महत्व

  • जीवन में मिलने वाली सफलता में 80% योगदान सांवेगिक बुद्धि का व 20% योगदान बुद्धि लब्धि का होता है।
  • जिस व्यक्ति की सांवेगिक बुद्धि उच्च होगी उसकी सफलता का स्तर उच्च होगा।
  • जिस व्यक्ति में सांवेगिक बुद्धि का विकास उच्च होगा वह व्यक्ति अपना व दूसरों के संवेगो का उच्च प्रबंधन व सही अनुक्रिया करेगा।

गोलमैन के अनुसार संवेगात्मक बुद्धि व्यक्ति के आदर्श को स्थापित करने हेतु आवश्यक होती है। व्यक्ति व समाज के मध्य संबंधों का दायित्व सांवेगिक बुद्धि पर निर्भर करता है।

डेनियल गोलमैन का सिद्धांत

आत्म अवगतता (Self Awareness) : अपने संवेगों, शक्तियों और कमज़ोरियों को समझने की क्षमता।

आत्म प्रबंधन (Self Management) : अपने अभिप्रेरकों को प्रबंधित करने और व्यवहारों को नियमित करने की क्षमता।

सामाजिक चेतना (Social Awareness) : दूसरों के कार्य, अनुभव एवं उनके कारणों को समझने की क्षमता।

सामाजिक कौशल (Social Skill) : स्वयं के व्यवहार से दूसरों से वंचित परिणाम प्राप्त करने एवं व्यक्तिगत लक्ष्यों की प्राप्ति की क्षमता।

गोलमैन के अनुसार जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में सफल होने के लिए सांवेगिक क्षमताओं की आवश्यकता होती है और इसी कारण गोलमैन ने अपने मॉडल को ‘निष्पादन का सिद्धांत’ (Theory of Performance) कहा है।

सांवेगिक लब्धि (Emotional Quotient)

सांवेगिक लब्धि (Emotional Quotient) का उपयोग किसी व्यक्ति की सांवेगिक बुद्धि की मात्रा बताने में उसी प्रकार किया जाता है जिस प्रकार बुद्धि लब्धि का उपयोग किया जाता है। साधारणतया सांवेगिक सूचनाओं की परिशुद्धता तथा कुशलता के साथ प्रक्रमण करने की योग्यता ही सांवेगिक बुद्धि है।

सांवेगिक बुद्धि की विशेषताएं

किसी उच्च सांवेगिक बुद्धि वाले व्यक्ति की विशेषताएं निम्नलिखित है :

(1) अपनी भावनाओं और संवेगों को जानना और उसके प्रति संवेदनशील होना।

(2) दूसरे व्यक्तियों के विभिन्न संवेगों को उनकी शरीर, भाषा, आवाज और स्वर का तथा आनन अभिव्यक्तियों पर ध्यान देते हुए जानना और उसके प्रति संवेदनशील होना।

(3) अपने संवेगों को अपने विचारों से संबंध करना ताकि समस्या समाधान तथा निर्णय करते समय उन्हें ध्यान में रखा जा सके।

(4) अपने संवेगों की प्रकृति और तीव्रता के शक्तिशाली प्रभाव को समझना।

(5) अपने संवेगों और उनकी अभिव्यक्तियों को दूसरों से व्यवहार करते समय नियंत्रित करना ताकि शांति और सांमजसा की प्राप्ति हो सके।

सांवेगिक लब्धि को मापने हेतु सर्वप्रथम मापन बारऑन ने 1987 में कनाडा के ट्रेन्ट विश्वविद्यालय में किया गया था। मेयर इमोशनल इंटेलिजेंस स्केल MEIS डॉ. मेयर ने बनाया था।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. गोलमैन के अनुसार भावनात्मक बुद्धि के कितने भाग होते हैं?

    उत्तर : गोलमैन के अनुसार भावनात्मक बुद्धि के चार भाग होते हैं। आत्म अवगतता, आत्म प्रबंधन, सामाजिक चेतना और सामाजिक कौशल।

  2. संवेगात्मक बुद्धि पद का प्रतिपादन किसके द्वारा किया गया है?

    उत्तर : सांवेगिक बुद्धि पद का प्रतिपादन सर्वप्रथम पीटर शैलोवी व मेयर ने 1990 में किया था।

  3. सांवेगिक लब्धि को मापने हेतु सर्वप्रथम मापन कब और किसने किया?

    उत्तर : सांवेगिक लब्धि को मापने हेतु सर्वप्रथम मापन बारऑन ने 1987 में कनाडा के ट्रेन्ट विश्वविद्यालय में किया गया था। मेयर इमोशनल इंटेलिजेंस स्केल MEIS डॉ. मेयर ने बनाया था।

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About Mahender Kumar

My Name is Mahender Kumar and I do teaching work. I am interested in studying and teaching compititive exams. My education qualification is B. A., B. Ed., M. A. (Political Science & Hindi).

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