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अधिगम का अर्थ एवं परिभाषा

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इस आर्टिकल में अधिगम क्या है, अधिगम का अर्थ, अधिगम की परिभाषा, सीखने का अर्थ एवं परिभाषा, अधिगम के आयाम एवं स्तर, अधिगम की विशेषताएं आदि के बारे में चर्चा की गई है।

अधिगम का अर्थ (Meaning of Learning)

अधिगम का जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। अधिगम जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है। बालक जन्म के पश्चात जब अपने वातावरण के संपर्क में आता है तो वातावरण से प्रतिक्रिया करता है। इस दौरान वह नए-नए अनुभव अर्जित करता है।

सीखना किसी स्थिति के प्रति सक्रिय प्रतिक्रिया है। इन्हें हम एक उदाहरण के माध्यम से अच्छी तरह समझ सकते हैं –

हम अपने हाथ में आम लिए चले जा रहे हैं, कहीं से एक भूखे बंदर की उस पर नजर पड़ती है, वह आम को हमारे हाथ से छीन कर ले जाता है। यह भूखे होने की स्थिति में आम के प्रति बंदर की प्रतिक्रिया है, पर यह प्रतिक्रिया स्वाभाविक है, सीखी हुई नहीं।

इसके विपरीत बालक हमारे हाथ में आम देखता है तो वह उसे छिनता नहीं है वरन् हाथ फैलाकर मांगता है। आम के प्रति बालक की यह प्रतिक्रिया स्वाभाविक नहीं है, बल्कि सीखी हुई है।

बालक के जन्म लेने के कुछ समय बाद से ही उसे अपने वातावरण से कुछ न कुछ सीखने को मिल जाता है। पहली बार आग को देखकर वह उसे छू सकता है और जल जाता है, फलस्वरूप उसे एक नया अनुभव होता है।

अतः जब वह आग को फिर से देखता है तब उसके प्रति उसकी प्रतिक्रिया भिन्न होती है। अनुभव ने उसे आग को न छुना सिखा दिया है। अतः वह आग से दूर रहता है।

इस प्रकार ‘सीखना अनुभव द्वारा व्यवहार में परिवर्तन’ है। “Learning is the change in the behaviour through experience.”

सीखने की प्रक्रिया में दो प्रमुख कारक हैं पहला- परिपक्वता और दूसरा – अनुभव

अधिगम प्रक्रिया में परिपक्वता का स्थान

परिपक्वता से तात्पर्य उस अभिवृत्ति तथा विकास से है जो किसी विशेष प्रकार के व्यवहार को सीखने से पहले आवश्यक होती है।

सीखने की प्रक्रिया में परिपक्वता का प्रमुख स्थान है। परिपक्वता का विकास आयु के साथ होता है। किसी कार्य को सीखने के लिए आवश्यक शारीरिक और मानसिक परिपक्वता के अभाव में व्यक्ति उसे उचित ढंग से नहीं सीख पाता।

अधिगम प्रक्रिया में अनुभव का स्थान

नवीन अनुभव जो बालक औपचारिक या अनौपचारिक रूप से अर्थात् पर्यावरण से प्राप्त करता है, उसके व्यवहार परिवर्तन में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। अनुभव द्वारा व्यवहार में परिवर्तन ही अधिगम कहलाता है। अपने अनुभवों का लाभ उठाते हुए पर्यावरण के अनुकूल एवं प्रतिक्रियाओं को अपनाता है।

रॉबर्ट गेने के अनुसार अधिगम के तीन प्रमुख तत्व

  1. सीखने वाला प्राणी अधिगमकर्ता
  2. उत्तेजक परिस्थितियां और
  3. अनुक्रिया

अधिगम की परिभाषाएं

गेट्स (Getes) के अनुसार, “अनुभव द्वारा व्यवहार में रूपांतर लाना ही अधिगम है।”

स्किनर (Skinner) के मत में, “अधिगम उन्नतशील व्यवहार अर्जन की प्रक्रिया है।”

वुडवर्थ के अनुसार, “यह क्रिया सीखना कही जा सकती है, जहां तक कि वह व्यक्ति को अच्छे-बुरे किसी भी प्रकार से विकसित करती है और उसके अनुभवों तथा पर्यावरण को पहले से भिन्न करती है।”

वुडवर्थ (Woolworth), सीखना विकास की प्रक्रिया है। “Learning is a process of development.”

गिलफोर्ड (Guildford) के अनुसार, “हम इस शब्द की परिभाषा विस्तृत रूप में यह कहकर कर सकते हैं कि सीखना व्यवहार के परिणामस्वरूप व्यवहार में कोई भी परिवर्तन है।”

पील के अनुसार, “अधिगम व्यक्ति में एक परिवर्तन है जो उसके वातावरण के परिवर्तनों के अनुसरण में होता है।”

क्रो एवं क्रो (crow &crow) के अनुसार, “अधिगम ज्ञान एवं अभिव्यक्ति की प्राप्ति है।”

मेयर के अनुसार, “अधिगम व्यक्ति के ज्ञान और व्यवहार में अनुभव और अभ्यास से होने वाला स्थाई परिवर्तन है।”

क्रो एवं क्रो के अनुसार, “आदतों ज्ञान और अभिवृत्तियों का अर्जन करना ही अधिगम है। यह व्यवहार में उत्तरोत्तर परिवर्तन को दर्शाता है और व्यक्ति को उद्देश्य की प्राप्ति के योग्य बनाता है।”

वुडवर्थ के अनुसार, “नवीन ज्ञान एवं प्रतिक्रियाओं को प्राप्त करने की प्रक्रिया ही अधिगम है।”

गिलफोर्ड के अनुसार, “व्यवहार में परिवर्तन ही अधिगम है।”

BF Skinner के अनुसार, “अधिगम व्यवहार में उत्तरोत्तर सामंजस्य की प्रक्रिया है।”

मर्सेल (Mursell) के अनुसार, “सीखने की असफलताओं का कारण समझने की असफलताएं है।” failures in learning are failures in understanding.

अधिगम की विशेषताएं

  • अधिगम का अर्थ नवीन अनुभव को ग्रहण करना है।
  • अधिगम सार्वभौमिक (universal) है।
  • अधिगम व्यवहार में परिवर्तन है। (Guildford)
  • अधिगम अभ्यास और अनुभव पर निर्भर करता है।
  • अधिगम एक जीवन पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है।
  • अधिगम उद्देश्य से निर्देशित होता है।
  • अधिगम औपचारिक और अनौपचारिक दोनों ही परिस्थितियों में संपन्न होता है।
  • अधिगम उद्दीपन और अनुक्रिया के बीच नए संबंध स्थापित करता है।
  • अधिगम अक्समात् और पूर्व नियोजित दोनों ही प्रकार से होता है।
  • अधिगम का स्थानांतरण (Transfer) हो सकता है।
  • अधिगम व्यक्ति को किसी भी आवश्यक समायोजन और अनुकूलन (Adjustment) के लिए तैयार करता है।
  • अधिगम व्यवहार शामिल नहीं किए जाते जो परिपक्वता, थकान, बीमारी या अन्य किसी नशे, दवा आदि के कारण होते हैं।
  • अधिगम एक समस्या समाधान की प्रक्रिया (Problem Solving Process) है। अधिगम का प्रारंभ किसी समस्या से होता है और उसके समाधान तक चलता है।
  • अधिगम एक स्वयं निर्देशित प्रक्रिया (Self Instructions Process) भी है।
  • अधिगम बहूविमतिय होता है। अधिगम प्रक्रिया में अनेक आयाम होते हैं। जैसे – अभिवृत्यात्मक, संवेगात्मक, गामक इत्यादि।
  • सीखना एक प्रक्रिया है। सीखना स्वयं में उत्पादन ही नहीं है, बल्कि इसके फलस्वरूप उत्पादन होता है जिसे व्यवहार कहते हैं।
  • अधिगम मानवीय आवश्यकताओं से जुड़ा है। आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु वह अधिगमकर्ता है।
  • अधिगम में अभ्यास द्वारा उत्तरोत्तर वृद्धि होती है।
  • अधिगम उचित और अनुचित दोनों ही हो सकता है। अतः यह सावधानी रखी जानी चाहिए कि अधिगम सामाजिक रूप से स्वीकार्य हो।
  • अधिगम में खोज क्रिया भी निहित है। व्यक्ति जन्म से ही जिज्ञासु होता है।वह नवीन तथ्य घटना एवं प्रक्रियाओं को सीखने की चेष्टा करता है। नवीन तथ्यों की जानकारी अर्जित करने के बाद उसकी खोज क्रिया पूर्ण हो जाती है।
  • अधिगम व्यवहार में होने वाला परिवर्तन है। (Guildford)
  • अधिगम कोई नया कार्य करना है। वुडवर्थ ने एक शर्त लगाई है कि, सीखना नया कार्य करना तभी है जब की यह कार्य फिर किया जाए और दूसरे कार्यों में प्रकट हो।
  • अधिगम आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है।
  • अधिगम अनुकूल आना है।
  • अधिगम विवेकपूर्ण है।
  • अधिगम उद्देश्यपूर्ण (purposive) है।
  • अधिगम वातावरण की उपज (product of environment) है।
  • अधिगम व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों है।
  • अधिगम अनुभवों का संगठन (organization of experience) है। सीखना न तो नए अनुभव की प्राप्ति है और न पुराने अनुभवों का योग है, वरन् नए और पुराने अनुभवों का संगठन है।

वास्तव में अधिगम का अर्थ है अनुभव के परिणामस्वरूप व्यवहार में परिवर्तन आना। अर्थात यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति एक परिस्थिति में अपनी अंत: क्रिया के परिणाम के रूप में व्यवहार का एक नवीन प्रतिरूप अर्जित करता है। जो उसके सामान्य व्यवहार के प्रतिमान को प्रभावित करता है। ऐसा कुप्पुस्वामी का मानना है।

निष्कर्ष (Conclusion)

इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको समझ में आया होगा की अधिगम क्या है, अधिगम का अर्थ क्या है, अधिगम की परिभाषाएं, सीखने का अर्थ एवं परिभाषा, अधिगम के आयाम एवं स्तर, अधिगम की विशेषताएं आदि।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. अधिगम का अर्थ क्या है ?

    उत्तर : अधिगम का अर्थ है अनुभव के परिणामस्वरूप व्यवहार में परिवर्तन आना। अर्थात यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति एक परिस्थिति में अपनी अंत:क्रिया के परिणामस्वरूप व्यवहार का एक नवीन प्रतिरूप अर्जित करता है जो उसके सामान्य व्यवहार के प्रतिमान को प्रभावित करता है।

  2. सीखने की असफलताओं का कारण समझने की असफलताएं है। यह किसने कहा था ?

    उत्तर : मर्सेल (Mursell) के कहा था की सीखने की असफलताओं का कारण समझने की असफलताएं है। failures in learning are failures in understanding.

  3. नवीन ज्ञान एवं प्रतिक्रियाओं को प्राप्त करने की प्रक्रिया ही अधिगम है। अधिगम की यह परिभाषा किसने दी ?

    उत्तर : वुडवर्थ के अनुसार नवीन ज्ञान एवं प्रतिक्रियाओं को प्राप्त करने की प्रक्रिया ही अधिगम है।

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About Mahender Kumar

My Name is Mahender Kumar and I do teaching work. I am interested in studying and teaching compititive exams. My education qualification is B. A., B. Ed., M. A. (Political Science & Hindi).

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